मथुरा: भारत−पाकिस्तान सीमा पर युद्धविराम उल्लंघन की घटना में बेरहमी से मारे गए दो भारतीय जवानों में से एक लांस नायक हेमराज के परिवार और गांव के लोगों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है। जम्मू के मेंढर सेक्टर में लांसनायक हेमराज की सिर कटी लाश मिली थी।
मथुरा के शेरनगर गांव के रहनेवाले हेमराज के परिवार और गांववालों ने मांग की कि हेमराज का सिर वापस लाया जाए। इन लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार पर उपेक्षा का भी आरोप लगाया। सरकार के रवैये से वे इतने नाराज़ हैं कि वे सरकार को जगाने के लिए अनशन पर बैठ गए।
दूसरे शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह मध्य प्रदेश के सीधी से ताल्लुक रखते थे। जहां शहीद सुधाकर के अंतिम संस्कार के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद मौजूद थे, वहीं शहीद हेमराज के अंतिम संस्कार के वक्त उत्तर प्रदेश का एक भी मंत्री या विधायक तक नहीं पहुंचा।
नई दिल्ली : भारत-पाकिस्तान सीमा पर नियंत्रण रेखा के निकट पाक सैनिकों के हमले में दो जवानों की हत्या से उनके रेजिमेंट के जवानों में बेहद आक्रोश है। इस घटना की बर्बरता से पूरे देश के लोगों में उबाल है।
शहीद हुए दोनों जवान राजपुताना राइफल्स के थे। इस रेजिमेंट के एक हजार जवानों ने अपने साथियों को खोने के गम में दो दिन से खाना नहीं खाया है। गुस्से से भरे सीमा पर तैनात 13 राजपुताना राइफल्स रेजीमैंट के जवान अपने साथियों की मौत से काफी आहत हैं और वे बार-बार अपने अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं। वह बदले की आग में झुलस रहे हैं और इस हमले के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम देने को आतुर हैं।
इस रेजिमेंट के जवानों का कहना है कि वे जब तक बदला नहीं ले लेंगे, अनाज का एक दाना भी नहीं खाएंगे। गौर हो कि 13 राजपुताना राइफल्स के दो जवान हेमराज और सुधाकर सिंह पाकिस्तानी सेना के हमले में शहीद हो गए। पाक सैनिकों ने काफी बर्बरता की और उनके गले तक काटे गए। पाक सैनिक हेमराज का सिर भी अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद पूरे में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है।