नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ताज कॉरिडोर मामले में बसपा नेता मायावती, केंद्र सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया है।
दरअसल, ताज कॉरिडोर मामले में राज्यपाल ने मायावती के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी थी, जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जब याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में खारिज हो गई तो याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट चले गए, जहां अब ये नोटिस जारी किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल की अनुमति के बिना ताज कॉरिडोर घोटाला मामले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर मुकदमा चलाने की मांग करने वाली याचिका पर उनसे जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि मायावती और बसपा नेता और मायावती के वकील सतीश चंद्र मिश्रा ने अदालत में दाखिल याचिकाओं को राजनीति से प्रेरित होकर उठाया गया कदम बताया है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने देश के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया। सुप्रीम कोर्ट ने राजा अशरफ समेत कुल 16 लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। कोर्ट ने रेंटल पावर में भ्रष्टाचार के आरोप में पाक पीएम की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। कोर्ट ने ये भी कहा है कि अगर इनमें से कोई भी देश से बाहर फरार होने में कामयाब रहता है तो उसके लिए एनएबी चेयरमैन को जिम्मेदार माना जाएगा। इसे कोर्ट की अवमानना करार दिया जाएगा। इस आदेश के साथ ही पाकिस्तान एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता के दौर में जाता दिख रहा है। लंबे समय बाद ये पहली सरकार थी जिसने चार साल से ज्यादा का कार्यकाल पूरा कर लिया था। पाकिस्तान में इसी साल चुनाव भी होने थे। लेकिन इससे पहले पाक पीएम की गिरफ्तारी के आदेश ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गिलानी को कहा था, गेट आउट
जून 2012 में पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को न्यायालय की अवमानना के मामले में दोषी करार देते हुए अयोग्य घोषित कर दिया था। न्यायालय ने कहा था कि गिलानी 26 अप्रैल 2012 से ही अयोग्य हैं। न्यायालय ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से कहा था कि वे देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त करें। न्यायालय ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से कहा है कि वे संवैधानिक जिम्मेदारी भी संभालें। गिलानी के बाद जरदारी की सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने राजा अशरफ को नया प्रधानमंत्री बनाया था।