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भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक

चुनाव जीतकर सत्ता में आएं अन्ना: दिग्विजय


नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बुधवार को टीम अन्ना और सरकार के बीच बातचीत का समर्थन किया> लेकिन अपने स्वभाव के मुताबिक कुछ तल्ख बातें भी कह गए। दिग्विजय ने कहा कि टीम अन्ना से बातचीत बंदूक के जोर पर नहीं हो सकती।

दिग्विजय ने टीम अन्ना से अनशन खत्म करने की अपील की, लेकिन एक टीवी चैनल से बातचीत में अरविंद केजरीवाल की बिगडती सेहत पर कहा कि उन्हें कुछ नहीं होगा, पूर्वोत्तर में वर्षो से अनशनरत इरोम शर्मिला का उदाहरण सामने है। सिंह ने कहा कि जो लोग अनशन कर रहे हैं, उन सभी के साथ वह सहानुभूति रखते हैं।

दिग्विजय ने कहा, टीम अन्ना को सुबुद्धि आएगी और वे बातचीत करने से पहले अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा, सरकार लोगों को मरने की अनुमति नहीं दे सकती, इसलिए सरकार को इसे देखना है। मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान मेरा अपना अनुभव यह रहा है कि लोकतंत्र में सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए और यह सरकार अपने तरीके से बातचीत के रास्ते पर है।

आपके मत में क्या टीम अन्ना को राजनीतिक पार्टी बनानी चाहिए?

 जंतर-मंतर पर अनशन के बीच टीम अन्ना ने राजनीतिक पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं। टीम अन्ना ने इस मुद्दे पर जनता से 2 दिनों में राय मांगी है। इसके बाद जनता के रिस्पॉन्स को देखकर टीम अन्ना राजनीतिक विकल्प देने का फैसला करेगी। जंतर-मंतर पर टीम अन्ना का अनशन आज 9वें दिन भी जारी है। अन्ना हजारे के अलावा अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया अनशन कर रहे हैं।

टीम अन्ना के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे अनुपम खेर ने 23 जाने-माने लोगों द्वारा आंदोलन के समर्थन में लिखा गया एक लेटर पढ़ा। इस चिट्ठी में टीम अन्ना से अनशन तोड़कर देश को नया राजनीतिक विकल्प देने की अपील की गई । लेटर लिखने वालों में पूर्व जनरल वीके सिंह, पूर्व चीफ जस्टिस वीआर कृष्ण अय्यर, पूर्व नौसेना प्रमुख राम तहलियानी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह, प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर और अनुपम खेर आदि शामिल हैं।

अनुपम खेर द्वारा मंच पर इस चिट्ठी को पढने के बाद प्रशांत भूषण ने कहा कि अब देश की जनता ही हमें बताए कि हमें राजनीतिक विकल्प देने के बारे में सोचना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि जनता दो दिनों के भीतर सोशल साइट्स या जैसे भी संभव हो, अपनी राय हमें बता दे। इसके बाद राजनीतिक विकल्प देने पर फैसला किया जाएग।

जंतर-मंतर पर अनुपम खेर ने कहा, 'करप्शन के खिलाफ आवाज उठाना सबका अधिकार है। इस आंदोलन को लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है लेकिन पूरी कोशिश की जा रही है कि आंदोलन को अपनी ही मौत मरने दिया जाए।' अनुपम खेर ने सरकार को धिक्कारते हुए कहा कि हम भूखे-प्यासे पड़ोसी का भी हाल-चाल पूछ लेते हैं लेकिन यहां तो अनशन के इतने दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई नहीं आया। उन्होंने कहा, 'मैं जंतर-मंतर पर अपना चेहरा दिखाने नहीं आया हूं। मैं यहां एक आम आदमी की तरह आया हूं। यह आंदोलन तब तक चलेगा जब तक कि करप्शन हमारे समाज से खत्म नहीं हो जाता।'

अनशन के 9वें दिन अरविंद केजरीवाल और गोपाल राय की तबीयत बिगड़ती ही जा रही है। गोपाल राय को 8वें दिन भी उल्टी हुई थी, जो आज फिर हुई।


इस बीच, एक अप्रत्‍याशित घटनाक्रम में शरद पवार को थप्पड़ जड़ने वाला हरविंदर सिंह भी जंतर-मंतर पर पहुंच गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।

अनशन का नौवां दिन, क्या होगी टीम अन्ना की अगली रणनीति?

नई दिल्ली: टीम अन्ना के अनशन का नौवां दिन है जबकि अन्ना के अनशन का पांचवां दिन है। टीम अन्ना के सदस्यों द्वारा रात में पुलिस कार्रवाई कर अनशन कर रहे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय को अस्पताल ले जाने की अटकलों के बीच जंतर मंतर पर अनशन की आठवीं रात शांतिपूर्ण बीत गई ।


बीती रात करीब एक बजे ड्यूटी बदलने के दौरान हुई पुलिस गतिविधि को लेकर आयोजक सशंकित हो उठे और उन्हें यह अनशनकारियों को अस्पताल ले जाने की पुलिस कार्रवाई लगी । उन्होंने अनशन स्थल पर सो रहे समर्थकों को उठाना शुरू कर दिया लेकिन पुलिस ने बताया कि यह महज पुलिसबलों की ड्यूटी बदलने की गतिविधि थी ।


रात भर लोगों के समूहों का जंतर मंतर पर आना जाना लगा रहा जिनमें बड़ी संख्या परिवार वालों की थी जो आज राखी की छुट्टी होने के कारण देर रात तक वहां पहुंचते रहे ।


गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने पत्र भेजकर टीम अन्ना के सदस्यों केजरीवाल, सिसौदिया और राय को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह देते हुए आगाह किया कि अगर इन तीनों के साथ कुछ भी अप्रिय होता है तो आयोजक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।


टीम अन्ना को पत्र भेजे जाने के बाद सदस्य शाजिया इलमी ने आरोप लगाया कि उन्हें जानकारी मिली है कि केजरीवाल को रात में जबरदस्ती पुलिस लेकर जाएगी। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार कर दिया। इससे पहले अन्ना हजारे और केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को अस्पताल में ले जाने को उनके आंदोलन को कमजोर करने की साजिश करार दिया था चेतावनी दी कि अगर जबरदस्ती उन्हें जंतर मंतर से हटाया जाता है तो सरकार से आगे कोई बातचीत नहीं होगी।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन को दिल्ली पुलिस की चिट्ठी

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दिल्ली पुलिस ने बुधवार को टीम अन्ना को जंतर मंतर पर अनशन पर बैठे उसके सदस्यों अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। पुलिस ने कहा कि अगर इन तीनों के साथ कुछ भी अप्रिय होता है तो आयोजक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

टीम अन्ना के सदस्य नीरज कुमार को लिखे पत्र में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के सी द्विवेदी ने कहा कि डॉक्टरों ने सलाह दी है कि केजरीवाल, सिसौदिया और राय को तत्काल इलाज की और अस्पताल में भर्ती किये जाने की जरूरत है।

तीनों अनशनकारियों को आमरण अनशन पर बैठे आज आठवां दिन है और उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। हालांकि अन्ना हजारे और केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को अस्पताल में ले जाने को उनके आंदोलन को कमजोर करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जबरदस्ती उन्हें जंतर मंतर से हटाया जाता है तो सरकार से आगे कोई बातचीत नहीं होगी।

केजरीवाल ने जंतर मंतर पर मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि अगर उन्हें जबरदस्ती अस्पताल ले जाया जाता है तो वहां से निकालने की जिम्मेदार लोगों पर होगी। टीम अन्ना के कठोर रुख के बाद पुलिस ने उन्हें पत्र लिखा है।

द्विवेदी ने कहा कि उनका लगातार अनशन करना, इलाज नहीं होने देना और जंतर मंतर के मंच से यह घोषणा करना कि जबरदस्ती हटाने के नतीजे गंभीर होंगे, यह सब उन शर्तों के अनुरूप नहीं है जिन पर आपसी सहमति हुई थी। इससे कानून व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ सकता है।

पत्र में कहा गया है कि आपको डॉक्टरों की सलाह मानने की और अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय तथा मनीष सिसौदिया को तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी जाती है, ताकि उनकी जान को कोई खतरा नहीं हो। ऐसा नहीं होने पर किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी सीधे तौर पर आपकी होगी।

उन्होंने कहा कि टीम अन्ना ने सात जुलाई को दिये हलफनामे में माना था कि वे आंदोलन के किसी भी स्तर पर किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा दिये गये समस्त कानूनी निर्देशों का पालन करेंगे।

टीम अन्ना का अनशन जबरन तुड़वा सकती है सरकार: दिग्विजय

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बुधवार को संकेत दिया कि टीम अन्ना यदि भ्रष्टाचार निवारक जन लोकपाल की मांग को लेकर अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखती है तो सरकार उनका अनशन जबरन तुड़वा सकती है।

दिग्विजय ने कहा, ''सरकार किसी को मरने की अनुमति नहीं दे सकती। इसलिए सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना ही होगा।''

बातचीत की पहल करते हुए हालांकि दिग्विजय ने कहा कि बातचीत बंदूक की नोक पर नहीं हो सकती। उन्होंने अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों से अनशन समाप्त करने की अपील की।

दिग्विजय ने कहा, ''मुख्यमंत्री के रूप में मेरा अपना अनुभव यह रहा है कि सभी मुद्दे बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि अन्ना और उनके सहयोगियों द्वार अनशन समाप्त कर देने से बातचीत का रास्ता साफ होगा।

लेकिन अन्ना के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह कमजोर भले महसूस कर रहे हैं, लेकिन किसी सरकारी अस्पताल में नहीं जाएंगे, क्योंकि उन्हें आशंका है कि वहां वह निश्चिततौर पर मर जाएंगे। केजरीवाल मधुमेह के रोगी हैं और उनकी सेहत बिगड़ गई है।

ज्ञात हो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना का अनशन बुधवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया, जबकि केजरीवाल सहित टीम अन्ना के अन्य कई सदस्य 25 जुलाई से ही अनशनरत हैं। चिकित्सकों ने कहा है कि यद्यपि वे कमजोर हो गए हैं, लेकिन उनका स्वास्थ्य स्थिर है।

अन्ना पर कीचड़ उछालने वालों की फाइल होगी सार्वजनिक

अन्ना हजारे पर कीचड़ उछालने के मामले में वित्त मंत्रालय की पूरी फाइल अब जनता के सामने आ सकेगी। मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के आदेश पर ही सरकारी वेबसाइट ने अन्ना हजारे को पागल बताया था। केंद्रीय सूचना आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि इस मामले में अफसरों के आदेश सहित पूरी फाइल सार्वजनिक की जाए।


केंद्र सरकार की वेबसाइट पर अन्ना हजारे को पागल बताने वाली चिट्ठी लगाई गई है। यह चिट्ठी लोकपाल पर सरकार को मिली 15 हजार चिट्ठियों में से खास तौर पर चुन कर लगाई गई थी। लोकपाल कानून को लेकर बनी केंद्र सरकार की बहुचर्चित वेबसाइट यूं तो कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के जिम्मे थी। मगर इस पत्र को वेबसाइट पर लगाने का आदेश वित्त मंत्रालय के तब के शीर्ष अधिकारी ने जारी किया था।


विभाग ने यह तो माना कि यह आदेश वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी का ही था, मगर उनके आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं करवाई।


अब केंद्रीय सूचना आयोग के प्रमुख सत्येंद्र मिश्र ने अपने आदेश में विभाग को अधिकारियों की ओर से जारी आदेशों और टिप्पणियों (नोटिंग) सहित पूरी फाइल उपलब्ध करवाने को कहा है।


अग्रवाल ने सूचना के अधिकार के तहत यह भी पूछा था कि जब यह वेबसाइट डीओपीटी चलाता है तो इस पूरे मामले में वित्त मंत्रालय ने कैसे दखलंदाजी की और कैसे आदेश जारी किए, लेकिन इस बारे में डीओपीटी ने कोई जानकारी नहीं दी है। लोकपाल पर टीम अन्ना के साथ बनाई गई सरकार की साझा मसौदा समिति के दौरान लोगों से सरकार ने सुझाव मागे थे।


इसके जवाब में 15 हजार से ज्यादा पत्र मिले थे, लेकिन देश भर से मिले इन सुझावों को अमल में लाना तो दूर, अब तक उन्हें पढ़ा तक नहीं गया है। अलबत्ता किसी सिरफिरे की ओर से भेजे गए अनर्गल पत्र को जरूर वेबसाइट पर डाल दिया।

खुदकुशी नहीं, बलिदान के लिए बैठा हूं, सरकार जबरदस्ती न करे : केजरीवाल


नई दिल्ली: टीम अन्ना के अनशन का आज आठवां दिन है। टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल की हालत खराब है और गोपाल राय की तबीयत भी बिगड़ रही है। डॉक्टरों ने दोनों को अस्पताल ले जाने की सलाह दी है। 


उधर, टीम अन्ना की बैठक में फैसला लिया गया है कि अनशन जारी रहेगा। टीम अन्ना ने कहा है कि सरकार ने अगर जोर-जबरदस्ती की कोशिश की तो वह किसी से बात नहीं करेंगे। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि मेरा अनशन जारी रहेगा और मैं खुदकुशी के लिए नहीं, बल्कि बलिदान के लिए अनशन पर बैठा हूं। केजरीवाल ने कहा कि सरकार उन्हें जबरन अनशन स्थल से उठाकर अस्पताल ले जा सकती है और अगर ऐसा हुआ तो समर्थकों को उन्हें वहां से बाहर निकालने के लिए आगे आना होगा।


इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री टीम अन्ना से मुलाकात करके मध्यस्थता कर सकते हैं। वह फिलहाल हालात का जायजा ले रहे हैं।


वैसे , सरकार के मुताबिक जिन भ्रष्ट मंत्रियों की जांच के लिए टीम अन्ना एसआईटी बनाने की मांग कर रही है, उनके खिलाफ टीम के पास कोई सबूत नहीं है और अगर सबूत हैं भी, तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।


लोकपाल बिल के मुद्दे पर सरकार का पक्ष है कि राज्यसभा में उसके पास पूर्ण बहुमत नहीं है, इसी वजह से बिल अटक गया है। सेलेक्शन कमेटी संशोधन तय करेगी, फिर इसे पास कराया जाएगा।


उधर, जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे अन्ना हजारे के करीब दो हजार समर्थक मंगलवार को अचानक रामलीला मैदान में पहुंच गए। इतनी बड़ी संख्या में इन समर्थकों के आने से एक बारगी ऐसा लगने लगा कि अन्ना का अनशन जंतर-मंतर पर न होकर रामलीला मैदान में हो रहा है।


नारेबाजी करते हुए अन्ना समर्थक सड़कों पर बैठ गए और रास्ते को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। गौरतलब है कि रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के अनशन की तैयारियां चल रहीं हैं। रामदेव 9 अगस्त से यहां अनशन करेंगे। अन्ना के इन समर्थकों ने लोगों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में साथ आएं।
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