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भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक

रामदेव ने साधा मनमोहन सिंह पर निशाना

विदेश में जमा काले धन को स्वदेश लाने के मुद्दे पर मुहिम चला रहे योग गुरू बाबा रामदेव ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह वाकई में ईमानदार हैं तो काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित कर देना चाहिए।


तीन जून से राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ एक दिन का अनशन तथा देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा पेश करने के लिए यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि हालांकि डॉ. सिंह व्यक्तिगत रूप से ईमानदार कहलाते हैं लेकिन अगर वाकई वह ईमानदार हैं और भ्रष्टाचार खत्म करना चाहते हैं तो उन्हें काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने तथा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए जनलोकपाल विधेयक लाना चाहिए।


रामदेव ने साफ किया कि उन्हें अपने आंदोलन में अन्ना टीम के सदस्यों का सहयोग लेने में कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि अन्ना टीम के कुछ सदस्यों के साथ कश्मीर एवं अन्य कुछ मुद्दे पर व्यक्तिगत मतभेद हैं लेकिन वह हजारे एवं अन्ना टीम में कोई फर्क नहीं करते और जंतर-मतर पर होने वाले अनशन के दौरान अन्ना टीम के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे।

अब प्रधानमंत्री पर भी भरोसा नहीं रहा : अन्ना

नई दिल्ली। अन्ना हजारे ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री पर भरपूर विश्वास करता था, लेकिन अब मेरा उन पर से भरोसा उठ गया है। रत्नागिरी में अन्ना हजारे ने कहा कि जब तक हम अच्छे लोगों को चुनकर संसद में नहीं भेजेंगे तब तक बदलाव नहीं आएगा।

अन्ना हजारे ने कहा कि आज के ज्यादातर जनप्रतिनिधि भ्रष्टाचार में शामिल हैं और जनता की जानकारी के अभाव का फायदा उठा रहे हैं। ऐसे माहौल में हम कैसे राष्ट्र के विकास की उम्मीद कर सकते हैं।

दूसरी ओर टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कोल ब्लॉक आवंटन मामले में प्रधानमंत्री पर हमले को और तेज किया। केजरीवाल ने पीएम से पूछा कि वो ऐसी कोई एजेंसी बताएं जो इस मामले में निष्पक्ष कर सके, क्योंकि पुलिस या सीबीआई पर सरकार का प्रभाव अवश्य रहेगा।

टीम अन्ना: हम मन से पीएम की इज्जत करते हैं, लेकिन...


उधर, दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्र सरकार से कहा कि टीम अन्ना के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग वाली एक याचिका पर तीन महीने के भीतर विचार करे। याचिका में टीम अन्ना पर अवैध रूप से विदेश से धन लेने का आरोप लगाया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता ए.एस. चांडियोक से उस याचिका पर विचार करने के लिए कहा जिसे वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर किया है। खंडपीठ ने कहा कि वह सरकार के प्रतिनिधि के रूप में याचिका पर सुनवाई की स्वीकृति दें ताकि इस मामले का निपटारा तीन महीने के भीतर हो सके।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि टीम अन्ना के सदस्यों ने जन लोकपाल आंदोलन चलाने के लिए विदेशी योगदान (नियामक) अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन कर विदेश से धन लिया था।

अन्ना, रामदेव एक मंच पर, रविवार को करेंगे उपवास


अदालत ने याचिकाकर्ता शर्मा को भी निर्देश दिया कि वह अपनी याचिका की एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय में पेश करें।

शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि एफसीआरए के प्रावधान के तहत गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के सदस्यों को किसी विदेशी कम्पनी या संगठन से धन लेने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन टीम अन्ना ने अनुमति नहीं ली।

टीम अन्ना के चार सवाल, मनमोहन सरकार हुई बेहाल


याचिकाकर्ता ने उन विदेशी कम्पनियों और संगठनों की सूची पेश की है जिनसे टीम अन्ना ने कथित तौर पर धन लिया।

याचिका में कहा गया है, "अदालत को विदेशी धन से चलाए गए आंदोलन को अवैध, असंवैधानिक घोषित करते हुए शायद प्रसन्नता होगी।"

गृह मंत्रालय को पता नहीं क्या है देश का असली नाम ?


कितनी शर्म की बात है....इस सरकार को ना ही देश की राष्ट्रभाषा और ना ही देश के आधिकारिक नाम का पता है!!!!!!!
ये है देश की हालत....ये है r.t.i. की ताक़त !
ज्याद से ज़्यादा फैलाओ इस घिनोनी सरकार के कारनामो को,
ये देश की भरस्टलोग, विदेशी ताकत के गुलाम... करारा विरोध कीजिए, हर ग्रुप मे शेयर कीजिए

Gear up for the next phase!!


Do not forget to share it to spread it all over the world

प्रधानमंत्री के सलाहकार ने गैरकानूनी रूप से हथियाए 2 प्लाट

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री के सलाहकार टी.के.ए. नायर ने सरकारी कंपनी बी.ई.एम.एल. की को-आप्रेटिव सोसायटी में 2 प्लाट गैर-कानूनी तरीके से वर्ष 2008 में अलॉट करवाए हैं। इसमें से एक प्लाट अपनी भांजी प्रीति प्रभा और दूसरा प्लाट अपनी दोस्त उमा देवी नांबियार को अलॉट करवाया। इसका खुलासा एक अखबार ने किया है।


2400 वर्ग फुट के यह प्लाट दक्षिण बेंगलूर में चन्नासंद्रा में है। आज से 4 साल पहले इस प्लाट को सिर्फ 450 रुपए प्रति वर्ग फुट के हिसाब से बेचा गया जबकि उस समय प्रति वर्ग फुट लगभग 3000 रुपए की कीमत थी। गौरतलब है कि इस मामले में बी.ई.एम.एल. के शेयर होल्डर के.एस. पेरियास्वामी ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को 7 अगस्त 2010 को शिकायती चिठ्ठी लिखी थी। इसमें साफ लिखा था कि 3 लोगों को उक्त कंपनी ने गलत तरीके से प्लाट दिया है।


चिठ्ठी में यह आरोप लगाया था कि यह अलॉटमैंट सिर्फ इसलिए की गई ताकि टाट्रा ट्रक मामले को शांत रखा जाए। अगर पेरियास्वामी के आरोपों में सच्चाई है तो यह पूरा मामला रक्षा सौदे से जोड़ा जा सकता है।

3 जून को अनशन करेंगे रामदेव संग अन्ना


भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ आंदोलन चला रहे स्वामी रामदेव और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे 3 जून को अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर अनशन करेंगे।

भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि बाबा रामदेव 3 जून को सुबह 10 बजे से एक दिन का सांकेतिक अनशन करेंगे। कालेधन-भ्रष्टाचार के खिलाफ और व्यवस्था में बदलाव के लिए आंदोलन चला रहे बाबा रामदेव देश के 11 करोड़ से अधिक लोगों से संपर्क साध चुके हैं।

उन्होंने बताया कि अनशन शुरू करने से पहले बाबा रामदेव और हजारे राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, इसके बाद देश की आजादी के संघर्ष में 7 लाख शहीद लोगों को श्रद्धांजलि देने शहीदी पार्क जाएंगे।

उन्होंने बताया कि अनशन सुबह 10 बजे शुरु होगा और शाम 6 बजे तक चलेगा। अनशन के साथ सभी राज्यों की राजधानियों और 627 जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च का आयोजन भी किया जाएगा। पिछले एक सप्ताह के दौरान दस लाख से अधिक लोगों ने मिस काल करके आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बाबा रामदेव ने कहा है कि अब यह सामने आना चाहिए कि कौन झूठ बोल रहा है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक जैसे संवैधानिक संस्थान अथवा लोकतंत्र के मुखिया प्रधानमंत्री।

बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह अपने को बचाने की बजाय निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए। तिजारावाला ने कहा कि अनशन के दिन जंतर मंतर पर आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

पीएम जेल जाने की बात क्यों नहीं करते?

पीएम जेल जाने की बात क्यों नहीं करते?
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टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया ने पीएम पर सवाल दागे: "पीएम कोयला घोटाले में जांच से क्यों बच रहे हैं? पीएम कहते हैं कि आरोप सही हुए तो वह संन्यास ले लेंगे। वह यह क्यों नहीं कहते कि आरोप सही पाए गए तो वह बाकी जिंदगी जेल में काटेंगे? इसका मतलब यह है कि पीएम यह स्वीकार कर रहे हैं कि करप्शन के आरोप साबित होने के बाद भी नेता ऐश के साथ जिंदगी बिता सकते हैं।"
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उधर टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम से पूछे ४ सवाल...
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1.अगर कोई मंत्री करप्शन करे तो वह कौन सी एजेंसी है जो सरकार से स्वतंत्र है और जहां उस करप्शन की रिपोर्ट दर्ज कराई जा सके?


2.जिस मंत्री के खिलाफ करप्शन के आरोप लगे हैं यदि वह कहे कि उसने करप्शन नहीं किया या पीएम कहें कि उन्होंने करप्शन नहीं किया, तो क्या बिना निष्पक्ष जांच के देश इस बात को मान ले?


3.क्या यह सच है कि तत्कालीन कोयला सचिव ने कई बार आपको कोयला खदानों की नीलामी करने की सलाह दी थी? क्या यह सच है कि पीएमओ ने वह सलाह खारिज कर दी? क्या आपने खुद उन फाइलों पर दस्तखत किए थे?


4.सीएजी का आकलन है कि कोयला खदानों की नीलामी न करने से देश को 1.8 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। अगर इतना करप्शन न होता तो पेट्रोल पर टैक्स कम किया जा सकता था। क्या आप मानते हैं कि तब पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने की जरूरत न पड़ती और आम आदमी को महंगाई की मार से बचाया जा सकता था?
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