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भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक

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मोदी सरकार के दो मंत्रियों ने लगाया 4 सौ करोड़ का चूना!

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह अपने कैबिनेट के सदस्यों के विरुद्ध अभियोग नहीं चलाने देकर उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं.


जब केजरीवाल से ये पूछा गया कि क्या वह मोदी को भ्रष्ट मानते हैं तो इस पर उन्होंने कहा, "मेरे पास इस बात के सबूत नहीं हैं जो मोदी को भ्रष्ट दिखाते हों मगर कम से कम वह अपने कैबिनेट के उन साथियों को बचाने की कोशिश जरूर कर रहे हैं जिनके विरुद्ध आरोप लगे हैं. वह उनके विरुद्ध अभियोग चलाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं."


उन्होंने इसका भी जिक्र किया कि मोदी ने पिछले नौ वर्षों से लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की है, "पिछले नौ वर्षों से सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की है और सिर्फ इस मुद्दे पर राजनीति की है. अगर मोदी की सरकार एक भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में गंभीर थी तो उसे लोकायुक्त की नियुक्ति करनी चाहिए थी."


केजरीवाल ने अहमदाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अगर गुजरात का कोई मंत्री या प्रधान सचिव भ्रष्टाचार में लिप्त हो तो उसके विरुद्ध जाँच कौन करेगा? कोई ऐसी संस्था ही नहीं है."


"अगर मोदी मानते हैं कि उनके मंत्री निर्दोष हैं तो उन्हें तुरंत जाँच करानी चाहिए और अंत में लोगों को सच पता चल जाएगा" - अरविंद केजरीवाल


केजरीवाल गांधीनगर जिले में रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के लिए सामुदायिक चारागाह की जमीन लेने के विरुद्ध आंदोलन को समर्थन देने वहाँ गए थे.


उन्होंने इस दौरान मत्स्य राज्य मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अनुमति नहीं देने के मोदी के फैसले से उपजे विवाद पर टिप्पणी की.


इस मामले का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा, "हम ये नहीं कह रहे हैं कि मंत्री दोषी हैं या निर्दोष, इसका फैसला तो अदालत करेगी मगर इसकी जाँच करने में क्या परेशानी है."


उन्होंने कहा, "अगर मोदी मानते हैं कि उनके मंत्री निर्दोष हैं तो उन्हें तुरंत जाँच करानी चाहिए और अंत में लोगों को सच पता चल जाएगा."


केजरीवाल का कहना था कि अगर लोकायुक्त होता तो ये स्थिति ही पैदा नहीं होती. उन्होंने कहा कि अभी तो लोगों को 'खुली छूट मिली हुई है'.


केजरीवाल ने कहा, "हाल ही में सूचना के अधिकार के कार्यकर्ता नत्थालाल सुखाड़िया पर हमला हुआ और कथित तौर पर उसमें एक विधायक के समर्थक शामिल थे. सूचना के अधिकार के कार्यकर्ता अमित जेठवा, नदीम सैयद, विक्रम डोडिया, जब्बारदन गधवी, जयेश बराड और योगेश सेंधवा मारे गए. ऐसा लगता है कि गुजरात में एक ऐसी स्थिति बन गई है जहाँ भ्रष्टाचार चलता रहेगा, कोई भी मामलों की जाँच नहीं करेगा और जो भी भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाएगा उसकी हत्या कर दी जाएगी."


केजरीवाल ने कहा कि गुजरात सरकार को उत्तराखंड जैसा मजबूत लोकायुक्त विधेयक लाना चाहिए और चारागाह की जमीन गाँव वालों को लौटानी चाहिए.
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