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गडकरी के खिलाफ जांच महज छलावा: अरविंद केजरीवाल


इंडिया एगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ आयकर विभाग की जांच कार्रवाई को खारिज करते हुए इसे महज छलावा करार दिया है। वहीं, मीडिया रिपोर्टों में बीजेपी अध्‍यक्ष को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। 

गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड और उसकी निवेशक कंपनी में कथित वित्‍तीय अनियमितताओं का खुलासा करने वाले केजरीवाल ने आज ट्वीट किया, "कंपनी मामलों के मंत्रालय और आयकर विभाग गडकरी की जांच कर रहे हैं? आयकर विभाग एक महीने में रिपोर्ट देगी। आयकर कानून में इस तरह के जांच का कोई प्रावधान नहीं है। सरकार लोगों को मूर्ख बना रही है? आईटी एक्‍ट के तहत आप छापा मार सकते हैं (सेक्‍शन 132) या सर्वे (सेक्‍शन 133ए) or पड़ताल (सेक्‍शन 143), ऐसे में सरकार यह क्‍या कर रही है?" 

केजरीवाल जो खुद भी पूर्व आयकर अधिकारी रह चुके हैं, ने आगे ट्वीट किया, "क्‍या आयकर महकमे को छापे या सर्वे में कुछ हासिल होगा? छापे की कार्रवाई गुप्‍त ढंग से होती है। जैसा कि सीबीआई करती है। क्‍या यह सभी जांच महज छलावा और धोखा है। यह जो समय बताएगा। जिससे आगे साबित होगा कि कांग्रेस और भाजपा भाई-भाई हैं। " 
केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया उस वाकये के एक दिन के बाद आई जब आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कंपनी और उससे जुड़े 26 अन्‍य निवेशक कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग जांच पड़ताल शुरू की है।

गौर हो कि कंपनी मामलों के मंत्रालय के बाद अब आयकर विभाग ने भी भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एवं सुगर लिमिटेड (पीपीएसएल) में निवेश करने वाली विभिन्न कंपनियों के वित्तीय स्रोतों के बारे में पता लगाने के लिए जांच कार्य शुरू किया है। नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर आयकर विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि हम पूर्ति में निवेश करने वाली 18 कंपनियों समेत विभिन्न कंपनियों के कोष के स्रोतों का पता लगाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रथम द्रष्ट्या नाममात्र की कंपनियों (वित्तीय लेनदेन या भविष्य में किसी अन्य उद्देश्य के लिए निष्क्रिय कंपनी) ने पीपीएसएल में धन का निवेश किया।विभाग के सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड जल्द ही रिपोर्ट पेश करेगा।

इससे पहले, आईएसी ने कहा था कि नितिन गडकरी के खिलाफ ताजा आरोपों से इस बात की पुष्टि होती है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों भ्रष्टाचार में डूबी हुई हैं। उन्होंने कांग्रेस तथा राकांपा को भाजपा प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती। केजरीवाल ने पहले भी कहा था कि भाजपा-कांग्रेस भाई-भाई हैं। 
वहीं, कारपोरेट कार्य मंत्रालय ने कल कहा कि वह भाजपा प्रमुख नितिन गडकरी की कंपनियों में किए गए निवेश की जांच कर रहा है। गडकरी की कंपनियों में संदेहास्पद वित्त पोषण का आरोप है। कारपोरेट कार्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामले पर गौर किया जा रहा है। उनसे यह पूछा गया था कि क्या मंत्रालय ने गडकरी की कंपनी में संदेहास्पद वित्त पोषण के आरोप जांच शुरू की है। 

इससे पहले, मंगलवार को कारपोरेट कार्य मंत्रालय वीरप्पा मोइली ने कहा था कि कंपनी पंजीयक आरोपों की जांच करेगा। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर तथा शुगर में बड़ा निवेश निर्माण कंपनी आइडियल रोड बिल्डर्स (आईआरबी) समूह ने किया है। इस कंपनी को 1995 से 1999 के बीच कई ठेके मिले। उस अवधि में गडकरी महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण मंत्री थे। उधर, भाजपा प्रमुख ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वे किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। 
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