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बिजली के दाम घटाने वाला आदेश छुपाने में जुटी डीईआरसी और दिल्ली सरकार

इंडिया अगेंस्ट करप्शन(आईएसी) के वरिष्ठ कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने आज कौशांबी स्थित दफ्तर में पत्रकारों को बताया कि दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीआईआरसी), अपने विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री बरजिंदर सिंह द्वारा दिल्ली में बिजली के दाम 23 फीसदी तक घटाने वाला आदेश छुपा रही है. आईएसी कार्यकर्ता ने आरटीआई की अर्जी लगाकर श्री बरजिंदर सिंह का आदेश प्राप्त करने की कोशिश की लेकिन डीईआरसी ने तो ऐसा कोई आदेश जारी होने की बात तक से ही साफ इंकार कर दिया.

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “ हमने आरटीआई के माध्यम से डीईआरसी के पूर्व अध्यक्ष श्री बरजिंदर सिंह के दिल्ली में बिजली के दाम 23 फीसदी तक घटाने के आदेश की कॉपी मांगी थी लेकिन डीईआरसी ने ऐसा कोई आदेश जारी होने की बात से ही इंकार कर दिया. हम बताना चाहते हैं कि बरजिंदर सिंह के उस आदेश को लागू होने से रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने शीला सरकार को फटकार भी लगाई थी. उस आदेश की एक कॉपी भाजपा के पास भी है लेकिन हमें देने से मना कर दिया गया. डीईआरसी, निजी कंपनियों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा के इशारों पर काम करती है.”

अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस को यह बताया कि एक आरटीआई में निराशा हाथ लगने के बाद आईएसी ने डीईआरसी दफ्तर में एक अन्य आरटीआई लगाया. जिसके बाद डीईआरसी, अपने रिकॉर्ड्स की फाइलें आईएसी को दिखाने के लिए तैयार हुई है और उसने 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे का समय दिया है.

लेकिन प्रेस वार्ता के कुछ देर बाद डीईआरसी ने 31 अक्टूबर को फाइलें दिखाने की बात से मना कर दिया. शाम 4.45 बजे डीईआरसी के लोक सूचना अधिकारी श्री राजशेखर देवगुप्ता ने आईएसी को फोन करके बताया कि डीईआरसी के रिकॉर्ड्स विभाग के सभी अधिकारी एक सप्ताह की छुट्टी पर चले गए हैं. इसलिए 31 अक्टूबर को फाइलें दिखाना संभव नहीं हो पाएगा. आईएसी को फाइलें कब दिखानी हैं, यह डीईआरसी बाद में तय करेगा और आईएसी को इसकी सूचना दे दी जाएगी.    

आईएसी, डीईआरसी से साल 2010 के उस आदेश की कॉपी मांग रहा है जो डीईआरसी अध्यक्ष बरजिंदर सिंह और एक अन्य सदस्य एसआर सेठी ने तैयार किया था. इसके अलावा आईएसी ने जनवरी 2010 से सितंबर 2010 के बीच डीईआरसी और दिल्ली सरकार के बीच हुए पत्राचार का ब्योरा मांगा था. अरविंद केजरीवाल ने प्रेस को बताया कि आईएसी ने अपना आरटीआई आवेदन तैयार करने से पहले श्री बरजिंदर से उस पर चर्चा भी की थी.

बहरहाल डीईआरसी ने यह कहते हुए आदेश की कॉपी मुहैया कराने से इंकार कर दिया कि विभाग के सभी आदेश वेबसाइट पर उपल्बध हैं. अगर वह आदेश वेबसाइट पर नहीं है, तो इसका मतलब है कि ऐसा कोई आदेश निकला ही नहीं होगा.

दिल्ली में आईएसी के बिजली-पानी सत्याग्रह के बारे में प्रेस को जानकारी देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “दबाव में दिल्ली सरकार ने बिजली के दामों में नाममात्र की कमी की है. हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि बिजली और पानी के बढ़े दाम पूरी तरह वापस नहीं ले लिए जाते.”

आईएसी ने दिल्ली की जनता को बिजली-पानी सत्याग्रह में शामिल होने का अनुरोध करते हुए जनता से आह्वान किया कि वे बिजली के बढ़े दामों के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए 3 नवंबर को शाम 7 बजे से 8 बजे तक एक घंटे के लिए अपनी-अपनी बिजली बंद करें.   

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पर सरकार के रुख की निंदा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार जांच की बजाय मामले की लीपापोती में जुट गई है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “रॉबर्ट वाड्रा को हरियाणा सरकार ने क्लिन चिट दे दी. यह तो होना ही था. कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने वाड्रा को बिना जांच कराए क्लिन चिट दे दी थी ऐसे में नीचे के अधिकारियों से क्या अपेक्षा रखी जाए? उसी तरह नितिन गडकरी के खिलाफ आईटी जांच कराने और एक महीने में रिपोर्ट देने की बात हो रही है. लेकिन किन प्रावधानों के तहत यह जांच होगी इस पर सरकार चुप है. यह तो जांच के नाम पर बस दिखावा है.”

अरविंद केजरीवाल ने मांग की कि सरकार देश की जनता को यह बताए कि रॉबर्ट वाड्रा ने कब और किस-किस व्यक्ति से कितनी ज़मीनें खरीदी हैं. उसी तरह नितिन गडकरी के सभी व्यवसायिक हितों की स्वतंत्र जांच कराके जानकारियां सार्वजनिक की जानी चाहिए.
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