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गांधी और जेपी की कर्मभूमि पर अन्ना हजारे की 'क्रांति'



दिल्ली में गरजने वाले अन्ना हजारे, आज बिहार में रैली कर रहे हैं. गांधी और जेपी की कर्मभूमि से अपनी क्रांति का नया अध्याय लिखने चले हैं अन्ना हजारे.



भ्रष्टाचार के खिलाफ देशभर में अलख जगाई वाले अन्ना अब आंदोलन का दूसरा अध्याय लिखने जा रहे हैं. अब तक दिल्ली और मुंबई में जनलोकपाल की हुंकार भरने वाले अन्ना ने आंदोलन की दोबारा शुरुआत के लिए बिहार की धरती को चुना है. अन्ना बुधवार को पटना में रैली कर रहे हैं. जिसके बाद अन्ना देशभर में जनलोकपाल की अलख जगाएंगे.



यानी जिस बिहार की धरती ने महात्मा गांधी और जेपी के आंदोलनों को नए तेवर दिए थे, अन्ना भी वहीं से अपनी आवाज बुलंद करेंगे. गांधी जी ने बिहार के ही चंपारण से आंदोलन की शुरुआत की थी और अहिंसा को हथियार बनाते हुए अग्रेजों को हिन्दुस्तान छोड़ने पर मजबूर किया था, तो जेपी ने इसी बिहार से संपूर्ण क्रांति का नारा देकर दिल्ली के तख्त को हिला दिया था. अन्ना भी इसीलिए पटना के उसी ऐतिहासिक गांधी मैदान में जनतंत्र रैली कर रहे हैं.



जनलोकपाल के आंदोलन का हश्र एक बार देख चुके हैं अन्ना हजारे, इसीलिए पटना से नई शुरुआत करने के लिए अन्ना ने गांधी जी के शहादत दिवस को रैली के लिए चुना है. साथ ही जेपी निवास में ठहरने का फैसला कर खुद को गांधी और जेपी की विरासत से जोड़ने की कोशिश की है.



जनलोकपाल आंदोलन का नया अध्याय है. तो अन्ना के कुछ साथी भी नए हैं. इसबार अन्ना के साथ कुछ नए चेहरे भी रैली में शामिल होंगे. पटना की रैली में पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह, समाजसेवी मेधा पाटकर और किरण बेदी के भी शामिल होने की उम्मीद है. नए जोश और नई उमंग के साथ फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं अन्ना हजारे, इस उम्मीद के साथ कि 16 अगस्त को रामलीला मैदान में हुई अगस्त क्रांति जैसी लहर ही एक बार फिर पैदा होगी. इस आंदोलन में सिर्फ जनलोकपाल की बात नहीं होगी. बल्कि अन्ना भ्रष्टाचार के साथ व्यवस्था परिवर्तन की भी बात कर रहे हैं.





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