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सीकर में हुआ गैंगरेप, पीडित लड रही 133 दिन से जिन्दगी की जंग, सरकार खामोश


जयपुर। दिल्ली गैंगरेप की पीडित जिंदगी की जंग हार गई। लेकिन ऎसी ही दरिंदगी की शिकार एक मासूम जयपुर के जे के लोन अस्पताल में 133 दिन से जिंदगी की जंग लड रही है। 11 साल की इस मासूम को दरिंदों ने ऎसे जख्म दिए हैं कि डॉक्टरों को उसके 12 ऑपरेशन करने पडे। 11 साल की एक मासूम 133 दिनों से जयपुर के जे के लोन अस्पताल में हर रोज मर-मर कर जीने को मजबूर है।

चार महीने से ज्यादा वक्त बीत चुका है लेकिन पीडित अस्पताल के बिस्तर से नहीं उठ पाई है। परिवार वाले उस मनहूस दिन को कोस रहे हैं जिस दिन ये मासूम अपनी बहनों के साथ सीकर में फिल्म देखने गई थी। पीडित 20 अगस्त, 2012 को सीकर में अपनी बहनों के साथ फिल्म देखकर लौट रही थी तो दो लोगों ने अगवाकर उसके साथ गैंग रेप किया और लहूलुहान हालात में सडक पर फेंक दिया। इसके आंत से लेकर शरीर के कई अंगों में संक्रमण फैल चुका था। 11 साल की मासूम को दरिंदों ने इतने जख्म दिए कि अब तक 12 ऑपरेशन हो चुके है, लेकिन जिंदगी के लिए उसका संघर्ष कम नहीं हुआ है। 

डॉक्टर एल डी अग्रवाल, पीडियाट्रिक सर्जन ने बताया कि आंत समेत कई अंगों में गभीर संक्रमण हैं। जब वो अस्पताल में लाई गई थी तो बचने की उम्मीद नहीं थी। मासूम का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि 11 साल की ये बेटी अपने हौंसले से जिंदगी की जंग लड रही है। अभी उसका एक मेजर ऑपरेशन होना बाकी है। लंबे इलाज के बाद अब कुछ-कुछ सुधार नजर आ रहा है। मासूम का परिवार सदमे में है। तमाम कोशिशों के बावजूद अभी भी मासूम को हर दिन मौत से जूझना पड रहा है। 

पुलिस ने गैंग रेप के छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी भर से क्या होगा। अब तो सवाल इस बात का है कि आखिर कब तक बच्चियां हैवानियत का शिकार बनती रहेंगी। आखिर कब वो सुरक्षित होंगी।

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