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किरण बेदी के गैंगरेप मामले में दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा


 नई दिल्ली । गैंगरेप पीड़ित की मौत के बाद पूरे देश ने गुस्से का इजहार किया। रेप की राजधानी बन चुकी दिल्ली की पुलिस का चेहरा पूरे देश ने देखा।

मैग्से पुरस्कार विजेता पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी ने एक अंग्रेजी एजेंसी से बातचीत में दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 16 दिसंबर के गैंगरेप को रोका जा सकता था। यदि क्राइम पर रोक के लिए पुलिस लगातार प्लान बनाती, कठोर ट्रैफिक चेकिंग पूरी दिल्ली में हो तो इस तरह के अपराध पर रोक लग सकती है। बेदी ने बताया कि दिल्ली में क्राइम प्रिवेंशन प्लान और प्रभावी ट्रेनिंग की जरूरत है।

किरण बेदी दिल्ली पुलिस पर उठ रहे सवाल को ठीक मानतीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने रोजमर्रा की ड्यूटी सही नहीं कर रही है। व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए किरण बेदी ने कहा कि पुलिस आम लोगों के बजाय खास लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देती है। पुलिस को उपर से नीचे तक संवेदनहीन मानती हैं। बेदी ने आम महिलाओं को सलाह देते हुए कहा कि पुलिस वाले उनके साथ सहयोग ना करें तो महिलाओं को नेटवर्क में बात करनी चाहिए। संख्या बल का प्रयोग करें। किरण बेदी ने महज 90 दिनो में कानून व्यवस्था को ठीक करने का दावा किया था।

दिल्ली पुलिस को पटरी पर लाने के लिए क्राइम प्रिवेंशन प्लान की बात करती हैं। इसके तहत सभी यूनिट एक साथ काम करें। पुलिस स्टेशन को और प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर देती हैं।

पुलिस पर राजनीति के दबाव से उबरने की सलाह देते हुए किरण कहतीं हैं कि राजनेता कुछ समय के लिए होते हैं। राजनेता व्यक्ति होता है पुलिस एक चेहरा। किसी भी घटना के बाद पहले पुलिस पर सवाल उठता है बाद में राजनेताओं पर।

किरण बेदी वर्तमान कानून और व्यवस्था में तुरंत सुधार की मांग करती हैं। एक क्राइम प्रिवेंशन प्लान, सब प्लान बनाने पर जोर देती हैं। इंटेलिजेंस, सर्विलांस, फा‌र्स्ट ट्रैक ट्रायल में सुधार की जरूरत पर जोर देतीं हैं। हम केवल महिलाओं की सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि एक स्वस्थ समाज की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दें। जब इनसे रेप के लिए सजा फांसी हो कि नहीं पूछा गया तो किरण कहतीं हैं कि कानून का आदर और कानून का डर दो बातें होतीं हैं। हमें कुछ मामलों में कठोर सजा की जरूरत है।

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