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दिल्ली गैंगरेप मामले पर शरद यादव का विवादास्पद बयान


दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने ब्रह्मचर्य को पाखंड बताते हुए कहा कि जो स्वाभाविक चीज है जैसे सांस लेना, पानी पीना, खाना है- उसी तरह सेक्स है। 15-20 दिन में नौजवान को सेक्स चाहिए। अब ये बात लोग सच मानने को तैयार नहीं है कि देश पाखंड करता है। कोई कहता है ब्रह्मचर्य, अरे झूठी बात बोल रहा है। उन्होंने कहा कोई कहता है कि मैं ब्रह्मचारी हूं तो वह झूठ बोल रहा है।

खाप पंचायत का समर्थन : जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने ब्रह्मचर्य को पाखंड बताते हुए कहा कि खाप पंचायतें सही हैं, उनके फैसले सही हैं। बाकायदा इसके लिए शरद यादव ने तर्क भी दिए। खाप पंचायतों के तालिबानी फैसलों को लेकर भी शरद यादव समर्थक के तौर पर खड़े दिखे। 

दलितों के साथ ज्यादा यौन हिंसा : शरद यादव ने कहा कि महिलाओं के साथ बढ़ती यौन हिंसा के कई कारण हैं पर दलित एवं कमजोर वर्ग की महिलाओं के साथ समाज में इस तरह की घटनाएं अधिक हो रही हैं। पर देश में बलात्कार को लेकर चल रही बहस में जाति के प्रश्न पर गहरी चुप्पी छाई हुई है।

मोहन भागवत पर निशान : यादव ने बलात्कार के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान को 'सतही' बताया पर उन्होंने यह भी कहा कि देश में इस मुद्दे पर कई तरह के बयान आ रहे हैं और वह इन बयानों में पड़ना नहीं चाहते।

मीडिया पर आरोप : उन्होंने इस बात का भी खंडन किया कि उन्होंने शारीरिक भूख मिटाने की बात बलात्कार के संदर्भ में कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ने संदर्भ से काटकर उनकी बात पेश की है।

राजग संयोजक ने अपने निवास पर पत्रकारों से कहा कि 16 दिसंबर को राजधानी में पैरामेडिकल छात्रा के साथ जो कुछ हुआ। वह अत्यंत बर्वर तथा अमानवीय घटना है जिसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है। पर उस दिन के बद देश भर में जो बहस चल रही है। उसको लेकर मीडिया में कोई यह सवाल नहीं उठा रहा है कि समाज में सदियों से जाति व्यवस्था के कारण स्त्रियों को दबाया जाता रहा है और इसलिए वे इस तरह की हिंसा की शिकार हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चियों, लड़कियों और महिलाओं के साथ भेदभाव देश के विभिन्न हिस्सों में जारी है पर हमारे देश की व्यवस्था चाहे वह पुलिस हो, नौकरशाही हो, न्यायपालिका हो और कार्यपालिका या मीडिया हो, सब जगह जाति, व्यवस्था काम कर रही है। जब तक अर्न्तजातीय विवाह नहीं होंगे। तब तक इस तरह की हिंसा कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जो दलित और कमजोर वर्ग की महिलाएं हैं. उनके साथ ज्यादा ज्यादती हो रही है।

महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध पर बोलते हुए उन्होंने ये बयान दिया। विवाद होने पर उन्होंने कहा कि उनकी बातों को सही तरीके से लिया जाना चाहिए। 

यादव ने कहा कि इस तरह की समस्याओं को रोकने के तात्कालिक कदम उठाने के साथ-साथ दीर्घकालिक उपाय करने की जरूर है। इस संबंध में वह न्यायमूर्ति जेएस वर्मा के साथ मिलकर चर्चा करेंगे और बलात्कार तथा मौत हिंसा पर अपनी पार्टी के सुझाव उन्हें देंगे।

यादव ने कहा कि वह एक कार्यक्रम में डेढ़ घंटा बोले जहां राजेन्द्र सच्चर जैसे लोग बैठे थे। उन्होंने एक अलग संदर्भ में यह बात कही कि मनुष्य की शारीरिक भूख प्रवृति दत्त है, लेकिन उन्होंने इस बात को बलात्कार के संदर्भ में बिल्कुल नहीं कही थी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने उनके भाषण के केवल बीच के हिस्से को दिखाया। (एजेंसी)

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