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शादी संस्कार नहीं पति-पत्नी के बीच एक कांट्रैक्ट है: मोहन भागवत

Mohan Bhagwat On Husband Wife Relation


इंदौर। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बलात्कार के बाद पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर विवादित बयान दिया है। वैवाहिक संस्कार की अपनी अलग व्याख्या में भागवत ने कहा कि लोग जिसे विवाह कहते हैं वो तो पति और पत्नी के बीच सौदा यानी कॉन्ट्रैक्ट होता है। यह तब तक चलता है जब तक दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य रहता है। 

इंदौर में शनिवार को एक कार्यक्रम में जडता के सिद्धांत का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट के तहत दोनों एक दूसरे की जरूरतें पूरी करते हैं। अगर किसी कारण कॉन्ट्रैक्ट पूर्ति नहीं होता है तो पत्नी पति को और पति पत्नी को छोड दे। 

उन्होंने कहा कि ऎसी जब स्थिति आई तो फिर ये विचार निकला कि दुनिया क्या है,भगवान वगैरह कुछ है नहीं, आत्मा-परमात्मा बेकार की बात है, सब कुछ जड का खेल है। भागवत बोले, एक घर का दूसरे घर से संबंध नहीं है इसलिए सृष्टि में किसी का किसी से संबंध नहीं है।

संघ प्रमुख ने विवाह के बारे में विस्तार से कहा, आप लोग विवाह संस्कार कहते होंगे लेकिन ये सौदा है कि तुम मेरा घर संभालो, मुझे सुख दो मैं तुम्हारे पेट-पानी की व्यवस्था ठीक करूंगा और तुमको सुरक्षित रखूंगा और इसलिए उसपर चलता है। ज्ञात रहे, इससे पहले भागवत ने कहा था कि भारत में कम और इंडिया में ज्यादा रेप होते हैं और इसका कारण उन्होंने बदले मूल्यों को बताया था। भागवत के इस बयान पर खूब बहस हुई थी। मोहन भागवत के बयान पर आरएसएस प्रवक्ता राम माधव का कहना है कि बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है।

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