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गैंग रेप: सिपाही की मौत के बाद घेरे में AAP


नई दिल्ली : चलती बस में गैंग रेप के खिलाफ रविवार को इंडिया गेट पर उग्र प्रदर्शनकारियों के हमले से बुरी तरह घायल हुए दिल्ली पुलिस के सिपाही सुभाष चंद तोमर की मंगलवार सुबह राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई। सिपाही की मौत से दिल्ली पुलिस महकमा जहां गुस्से में है, वहीं परिवार में बुरी तरह मातम पसर गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता समेत 8 लोगों को खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने सिपाही को घेर कर हमला किया था। दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि बहादुर सिपाही को पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। इसके अलावा पूरी दिल्ली पुलिस एक दिन की सैलरी मृतक परिवार को देगी। जितने भी हमलावर हैं उनकी पहचान विडियो फुटेज से की जा रही है। गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।


अस्पताल सूत्रों का कहना था कि भीड़ में जब वह गिर गया था तो लोगों ने उसके सीने पर बुरी तरह पैरों से वार किया था। उन्हें जबसे अस्पताल लाया गया तभी से उसके बारे में कुछ कह पाना संभव नहीं हो पा रहा था। जांच टीम के डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत में कुछ भी सुधार नहीं हो पा रहा था। कल रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। डॉ. टीएस सिद्घू के मुताबिक शुरू से ही डॉक्टरों के गहरे ऑब्जर्वेशन में उसे रखा गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। मोहित की हालत में पहले की अपेक्षा कुछ सुधार हुआ है।


सिपाही केस में 'आप' के लोग?
सुभाष तोमर पर हमले के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ता के भी शामिल होने की जानकारी मिली है। 'आप' के कार्यकर्ता चमन कुमार और केस में गिरफ्तार सात अन्य को सोमवार को अदालत से जमानत मिल गई थी। अदालत में आम आदमी पार्टी के नेता भी आए थे, जिनका कहना था कि चमन और अन्य को बिना पूरी जांच के ही पकड़ लिया गया। जांच अभी होनी है, इस आधार पर जमानत की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मान लिया।

सूत्रों के मुताबिक, इस केस में चमन के अलावा शांतनु, कैलाश जोशी, अमित जोशी, अभिषेक, शंकर, नंद कुमार और नफीस के नाम हैं। पुलिस अब इस मामले में जमानत रद्द करने की मांग कोर्ट से करेगी। फिलहाल, तिलक मार्ग थाने में दफा 307 के तहत दर्ज एफआईआर को 302 में तबदील किया जा रहा है। एफआईआर नंबर 181 में और भी कई सेक्शन लगाए गए हैं।

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