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महिलाओं के बारे में नेताओं के दस बेतुके बयान

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बेटे और जंगीपुर से कांग्रेस के सांसद अभिजीत मुखर्जी ने गैंग रेप के खिलाफ दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर विवादित बयान दिया। 
उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर कैंडल मार्च करने का फैशन चल पड़ा है। अभिजीत ने कहा कि लड़कियां दिन में सज-धज कर कैंडल मार्च निकालती हैं और रात में डिस्को जाती हैं। 


मुंबई आतंकी हमले के बाद बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहीं कुछ महिलाओं के बारे में कहा था कि ये लिपस्टिक-पाउडर लगाकर क्या विरोध करेंगी। 
नकवी ने इन महिलाओं की तुलना कश्मीर के अलगाववादियों से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि नेताओं के विरोध में नारे लगाने वाले ग्रुपों की जांच होनी चाहिए।


2008 में युवा टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयान पर विवाद हुआ था। 
शीला ने कहा था, 'इतना अडवेंचरस नहीं होना चाहिए। वह एक ऐसे शहर में सुबह के तीन बजे अकेली गाड़ी चलाकर जा रही थी जहां रात के अंधेरे में महिलाओं का निकलना बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता, मुझे लगता है कि हमें थोड़ा एहतियात बरतना चाहिए।'


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आजादी को रेप की वजह बताया था। 
उन्होंने कहा था कि लड़के-लड़कियों को माता-पिता द्वारा दी गई आजादी से ही बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं।
महिला आरक्षण विधेयक जब पहली बार संसद में रखा गया था तब जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा था कि इस विधेयक के जरिये क्या आप 'परकटी महिलाओं' को सदन में लाना चाहते हैं ? 
उनकी इस टिप्पणी पर महिला संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और आखिरकार शरद यादव को माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा था।


संसद में असम हिंसा पर चर्चा के दौरान होम मिनिस्टर सुशील कुमार शिंदे ने समाजवादी पार्टी सांसद और फिल्म ऐक्ट्रेस जया बच्चन पर विवादित टिप्पणी की थी। 
असम मुद्दे पर बहस के दौरान गृह मंत्री शिंदे ने जया बच्चन को बीच में टोकते हुए कहा, ' मैडम जरा ध्यान से सुनिए। यह (असम मुद्दा) कोई फिल्मी इशू नहीं है'। शिंदे के इस ताने से जया बच्चन बुरी तरह भड़क गईं, जिसके बाद शिंदे को माफी मांगनी पड़ी।



हरियाणा प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता धर्मवीर गोयल ने रेप के लिए लड़कियों को ही दोषी ठहरा दिया था। 
उन्होंने कहा था कि नब्बे फीसदी मामलों में बलात्कार नहीं, बल्कि लड़कियां सहमति से संबंध बनाती हैं।



कुपोषण पर इंटरव्यू के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मिडिल क्‍लास परिवारों की लड़कियों को सेहत से ज्‍यादा खूबसूरत दिखने की फ्रिक होती है। उन्होंने कहा था कि अच्छे फिगर की चाहत में लड़कियां कम खाती हैं।


2010 में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि महिला आरक्षण बिल पास होने से संसद ऎसी महिलाओं से भर जाएगी, जिन्हें देखकर लोग सीटियां बजाएंगे। 
वहीं एक दूसरे बयान में उन्होंने कहा था कि बड़े घर की लडकियां और महिलाएं ही ऊपर तक जा सकती हैं क्योंकि उनमें आकर्षण होता है। इसलिए महिला आरक्षण बिल से ग्रामीण महिलाओं को कोई फायदा नहीं होगा।


टीएमसी विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती ने रेप पर दिए गए बयान में कहा था कि ऎसी वारदात के लिए कुछ हद तक लड़कियां भी जिम्मेदार हैं क्योंकि हर रोज उनकी स्कर्ट छोटी हो रही हैं। 
फिल्म जगत से राजनीति में आए चिरंजीत ने कहा, 'लड़कियों से छेड़छाड़ कोई नई घटना नहीं है। प्राचीन समय से ही इस तरह की घटना हो रही है। यह मामूली घटना है। इस तरह की घटना नहीं होगी तो फिल्म कैसे चलेगी। फिल्म में खलनायक का होना जरूरी है। रामायण में रावण तो होगा न।'


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