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लालच के लिए किसी का भी घर उजाड़ देंगी शीला : केजरीवाल



नई दिल्ली।। ओखला के शाहीन बाग में 500 परिवारों के घर उजाड़े जाने के बाद शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर के बाहर धरना देने बैठे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल को तो पुलिस ने बंधक बना लिया, लेकिन बंधन बनाए जाने से पहले अरविंद ने वहां के पल-पल की खबर और अपना गुस्सा ट्विटर पर जाहिर किया। अरविंद ने मुख्यमंत्री के घर के बाहर पहुंचने से पहले और पहुंचने के बाद, दोनों स्थितियों का हाल अपने ट्विटर अकाउंट पर कुछ इस तरह लिखा... 

मुख्यमंत्री के घर के बाहर धरना देने से एक दिन पहले, यानी 6 दिसंबर को अरविंद केजरीवाल ने लिखा- 'शीला दीक्षित ने ओखला में करीब 500 मकान उजाड़ दिए हैं। उनके पास मकान के जायज दस्तावेज मौजूद थे। उन्होंने बगैर कोई नोटिस दिए मकानों को गिरा दिया गया। वे सभी बेहद गरीब लोग हैं। इतनी ज्यादा सर्दी में अब वे सड़क पर रह रहे हैं। न ही खाना है, न ही टेंट और न ही पानी। मैं अभी उनसे मिला। वे बहुत रो रहे थे। आप इस तरह मकान कैसे गिरा सकते हैं?' 

इसके बाद उन्होंने लिखा- 'यह जगह एकदम भूकंप आने के बाद के जैसे घटनास्थल की तरह लग रही है। मुझे व्यक्तिगत रूप से बताया गया कि अधिकारी खुद स्वीकार रहे हैं कि यह एक गलती थी, लेकिन यह एक जमीन घोटाला लग रहा है। यह एक मुख्य भूमि है। इस पर कौन नजर रख रहा है? शीला दीक्षित मिलने के लिए समय देने से इनकार कर रही हैं, इसलिए हम सभी कल सुबह 7 बजे उनके घर के बाहर जाएंगे और धरना देंगे। हम वहां तब तक बैठे रहेंगे, जब तक कि वह हमसे मिलतीं नहीं।' 


देर रात अरविंद ने फिर ट्वीट किया- 
'पुलिस सबको कॉल कर रही है और कह रही है- 'शीला दीक्षित को आकर मिलने की कोशिश मत करना।' क्या लोग अपनी मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकते? अगर वे मिलने की कोशिश करेंगे तो उन पर लाठियां बरसाई जाएंगी? मुख्यमंत्री ने उनके मकान उजाड़े और वे उनसे मिल भी नहीं सकते?' 

शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री के घर के बाहर पहुंचने से कुछ समय पहले से फिर शुरू किया अरविंद ने ट्वीट 'वर्ड-वॉर'- 'शीला दीक्षित के घर के बाहर लगभग पहुंच ही गए हैं। बस 200 महिलाएं यहां अपने बच्चों के साथ हैं। फिर भी पानी की तोपें बुलवाई गई हैं? क्या सरकार असहाय महिलाओं से डरी हुई है?' 

मुख्यमंत्री के घर के बाहर बैठे केजरीवाल ने ट्वीट किया- 'हम सभी शीला के घर के बाहर बैठे हुए हैं। वह मिलने से मना कर रही हैं। पुलिस को देखकर लग रहा है कि वह 'ऐक्शन' लेने की तैयारी कर रही है। महरौली से कई लोगों ने हमें अभी जॉइन किया है। वहां भी दो दिन पहले हजारों मकान नष्ट कर दिए गए थे। वे भी इस ठंड में बिना छत के रह रहे हैं। यह शीला दीक्षित का बहुत बड़ा जमीन हड़पने का घोटाला मालूम पड़ता है, जो किसी रॉबर्ट वाड्रा या किसी बिल्डर को जमीन देने के लिए किया गया हो। वह जानती हैं कि वह अब सत्ता में नहीं आएंगी। ...तो क्यों न अगले एक साल में ज्यादा से ज्यादा जमीन हड़प ली जाए? यह बहुत खतरनाक है। इन लोगों के पास इनके मकान के जायज दस्तावेज मौजूद हैं। फिर भी उजाड़ दिए गए? अपने लालच के लिए वह दिल्ली में किसी भी घर को उजाड़ देंगी।' 

इसी बीच, अन्ना की तबीयत का पता चलने पर अरविंद ने लिखा- 'अन्ना हॉस्पिटल में हैं। काश मैं उन्हें देखने जा पाता! मैं दुआ करता हूं कि वह जल्दी ठीक हो जाएं।' 

अरविंद ट्वीट के जरिए ही जनता से सवाल करते हैं- 'क्या शीला को उनकी जमीन हड़पने की इन गतिविधियों के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए? आप क्या कहते हैं? इन लोगों को अब क्या करना चाहिए?' 

अरविंद ने कुछ देर बाद लिखा- 
'दिलचस्प बात यह है कि इस कॉलोनी के ठीक बगल में रीबॉक का शोरूम है। वह अवैध है। उसे नहीं उजाड़ा गया। टीवी चैनल दिखा रहा है कि हम 'ऐनक्रोचर्स' (अवैध रूप से जमीन हथियाने वाले) के साथ धरना दे रहे हैं। ये ऐनक्रोचर्स नहीं हैं। मैं न्यूज चैनल से आग्रह करता हूं कि वे एक रिपोर्टर भेजें। हम सभी कागजात दिखा देंगे।'


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