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भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक

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भ्रष्ट चला रहे देश के शासन : अन्ना हजारे


भुवनेश्वर - जाने माने समाजसेवी अन्ना हजारे ने तीन दिवसीय ओडिशा दौरा के समय भुवनेश्वर, जगतसिंहपुर एंवं पत्रकार सम्मेलन में मुख्यत: यही आरोप लगाया कि जनता का नौकर जन प्रतिनिधि हैं। हम भ्रष्ट व बेईमान लोगों को विधानसभा एवं संसद भेजकर हम उन्हें मालिक समझ बैठे हैं। हमें यह जानना जरूरी है कि मालिक हम हैं और ये लोग हमारे लिए कानून बनाने एवं हमारे पैसे से हमारे विकास के लिए खर्च करने के लिए संसदों में गए हैं। आज पैसे के बल पर विधानसभा एवं लोकसभा में दागी प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। ये लोग देश में भ्रष्ट शासन चला रहे हैं। इसका परिवर्तन होना जरूरी है।

 एक स्वस्थ गणतंत्र बनाने के लिए गोली एवं लाठी खाकर जेल जाने के लिए युवा समाज को तैयार रहना चाहिए। जब तक व्यवस्था का परिवर्तन नहीं होगा, तब तक भ्रष्टाचार मुक्त भारत गठन सम्भव नहीं होगा। जगतसिंहपुर में किसान सम्मेलन के बाद अन्ना ने शनिवार को पुन: पत्रकारों से राज्य अतिथि भवन में बात करते हुए कहा कि पोस्को जैसी विदेशी कंपनियों को जोरदार विरोध किया जाना चाहिए। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा जनता का विकास नहीं हो सकता है। लाभ के लिए ये कंपनी आती हैं एवं इनके लूटे हुए पैसों का हिस्सा नेताओंव अधिकारियों को मिलता है। जनता या किसान को इसका कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।

 नवीन पटनयाक सरकार स्वच्छ है या भ्रष्टाचारी है, इसका निर्णय राज्य के लोगों को करना है। भ्रष्ट नेताओं को जब तक हम नहीं हटाएंगे, तब तक हमें स्वच्छ शासन मिलना असम्भव है। लोकसभा एवं विधानसभा से भी बड़ी है ग्रामसभा। लेकिन आज तक ग्रामसभा को महत्व नहीं दिया जा रहा है। ग्रामसभा चाहे तो किसी को भी विधानसभा एवं संसद को भेज सकती है। अन्ना ने कहा कि आंदोलन से सरकार नहींडरती है, अगर डरती है तो सिर्फ गिरने से। 16 अगस्त 2011 से जनता जागरूक हुई है। चुनाव के समय जाति का नारा दिया जा रहा है, उसे बंद करना होगा।

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