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क्या 2-जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में 1.76 लाख का घोटाला नहीं हुआ?

नई दिल्ली: टेलीकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने 2-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं होने से एक लाख छिहतर हजार करोड़ का नुकसान बताने वाले सीएजी पर सवाल उठाए हैं.

सीएजी के आंकड़ों और मंशा पर सवाल उठाते हुए सिब्बल ने पूछा कि आखिर निगेटिव प्रचार से ग्राहकों को क्या मिला?

उन्होंने कहा, "1.76 लाख करोड़ का नुकसान कहां गया? सरकार को सिर्फ राजस्व मिले यही एकमात्र मापदंड नहीं होना चाहिए."

टू-जी स्पेक्ट्रम की ताज़ा नीलामी में कंपनियों की कम दिलचस्पी पर टिप्पणी करते हुए सिब्बल ने कहा, "आप आंकड़ों को इस तरह से बढ़ा चढ़ा नहीं पेश कर सकते जिसकी बुनियाद पर सनसनी फैलाई जाए. आखिर कैसे बर्बाद हो गई, जो मुर्गी अंडे दिया करती थी. सनसनी फैलाने की वजह से सरकार को वहीं नीतियां अपनानी पड़ीं जो नुस्खे पेश किए गए, लेकिन उसका क्या हुआ, आपने दो दिन पहले देखा है."

इस व्यंग के साथ ही सिब्बल ने कहा कि सरकार ने जिस नीति को त्याग दिया वही बेहतर नीति थी. सिब्बल ने कहा कि अगले साल मार्च तक एक बार फिर बाकी बचे टू-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी.

ग़ौरतलब है कि सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 2-जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में नीलामी नहीं किए जाने से सरकारी खजाने को करीब 1.76 लाख करोड़ का नुकसान हुआ. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने टू-जी स्पेक्ट्रम की 122 लाइसेंस रद्द कर दी थी और उसे दोबारा नीलामी किए जाने का आदेश दिया था.


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