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आईएसी का बिजली सत्याग्रह, कल एक घंटे के लिए बत्ती बंद रखने का जनता से आग्रह



इंडिया अगेंस्ट करप्शन(आईएसी) ने दिल्ली की जनता से आह्वान किया है कि वह बिजली के बढ़े बिलों के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए 3 नवंबर (शनिवार) की शाम 7-8 बजे तक एक घंटे के लिए अपने-अपने घरों की बिजली बंद रखे.

आईएसी के वरिष्ठ कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने जनता से एकजुट होकर बिजली कंपनियों और शीला दीक्षित सरकार की मनमानी का विरोध करने की अपील की है. अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आईएसी के बिजली आंदोलन को जनता का भारी समर्थन मिला तो सरकार दबाव में आई और बिजली के दामों में मामूली कमी की गई. लेकिन महंगाई से त्रस्त जनता के लिए यह पर्याप्त नहीं है. बिजली के दामों में जो इजाफा हुआ है वह गलत है. जब तक बिजली के बढ़े दाम पूरी तरह वापस नहीं लिए जाते हमारा बिजली सत्याग्रह चलता रहेगा.”

अरविंद केजरीवाल ने बिजली के दामों में वृद्धि के पीछे निजी कंपनियों, दिल्ली विद्युत नियामक आयोग(डीईआरसी) और शीला सरकार के बीच साठगांठ का आरोप लगाया. उनका कहना है कि डीईआरसी के पूर्व अध्यक्ष बरजिंदर सिंह ने पाया था कि बिजली कंपनियां जनता से जरूरत से ज्यादा पैसा वसूल रही हैं इसलिए उन्होंने बिजली के दाम 23 फीसदी तक घटाने का आदेश तैयार किया था. शीला दीक्षित सरकार ने वह आदेश लागू ही नहीं होने दिया और बरजिंदर सिंह के रिटायर होते ही डीईआरसी में कंपनियों की पसंद का अफसर बिठाकर दाम घटाने की बजाय दोगुने तक बढ़ा दिए गए.

आईएसी ने बरजिंदर सिंह के उस आदेश की प्रति हासिल करने के लिए डीईआरसी में एक आरटीआई आवेदन लगाया था लेकिन डीईआरसी उसे देने में आनाकानी कर रही है. डीईआरसी ने आरटीआई के जवाब में कहा था कि उसके सारे आदेश वेबसाइट पर मौजूद होते हैं और अगर दाम घटाने वाला कोई आदेश वेबसाइट पर नहीं है तो इसका मतलब है ऐसा कोई आदेश निकला ही नहीं होगा.

डीईआरसी द्वारा आईएसी के एक के बाद एक आरटीआई का जवाब देने में टालमटोल से आहत अरविंद केजरीवाल ने अब खुद एक आरटीआई आवेदन देकर डीईआरसी से कई सवाल पूछे हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “जनता को मिले सूचना के अधिकार के हनन में डीआईआरसी जैसी संस्थाओं ने महारथ हासिल कर ली है. सूचनाएं देने की बजाय सूचनाएं छुपाने में इनकी मशीनरी ज्यादा काम करती है. लेकिन हम इन अड़चनों से घबराने वाले नहीं. इनको जनता के प्रश्नों के उत्तर देने होंगे. हम डीईआरसी, बिजली कंपनियों और शीला सरकार की साठगांठ का भंडाफोड़ करेंगे. ”

गौरतलब है कि बरजिंदर सिंह के आदेश की कॉपी डीईआरसी ने भाजपा को काफी पहले दे दी थी लेकिन भाजपा ने भी बजाय उस मामले में सरकार को घेरने के बजाय उसे चुपचाप दबाए रखा. डीईआरसी अध्यक्ष के उसी आदेश को लागू होने से रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी.

आईएसी, डीईआरसी से साल 2010 के उस आदेश की कॉपी मांग रहा है जो डीईआरसी के तत्कालीन अध्यक्ष बरजिंदर सिंह और एक अन्य सदस्य एसआर सेठी ने तैयार किया था.

आईएसी ने दिल्ली में बिजली के बढ़े दामों के खिलाफ बिजली सत्याग्रह छेड़ा है. इसमें शामिल जनता ने सामूहिक रूप से दिल्ली के हर इलाके में बिजली बिलों की होली जलाई है. आईएसी ने जनता से बिजली के बिलों का भुगतान बंद करने की भी अपील की थी जिसको भरपूर समर्थन मिला. जिन परिवारों की बिजली, बिल नहीं भरने के कारण काटी गई उन घरों की बिजली आईएसी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और कुमार विश्वास ने खुद जोड़ी है और उसका सारा जिम्मा अपने ऊपर लिया है.
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