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केजरीवाल ने कांग्रेस से मांगा दिल्ली रैली पर हुए खर्च का हिसाब


नई दिल्ली। कांग्रेस की दिल्ली रैली को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से उस रैली पर हुए खर्च का पूरा हिसाब मांगा है। केजरीवाल ने ट्विटर पर ट्वीट कर कांग्रेस से पूछा है कि क्या वे रैली के लिए परिवहन, खान-पान, विशेष ट्रेनों आदि पर हुए खर्च की पूरी जानकारी आम जनता के सामने सार्वजनिक कर सकती है या नहीं। यही नहीं केजरीवाल ने डीईआरसी की ऑर्डर की कॉपी भी सार्वजनिक करने की बात कहीं है।

केजरीवाल ने लिखा है कि वर्ष 2010 में डीईआरसी ने दिल्ली में बिजली की दरों में कटौती करने का ऑर्डर पाश किया था लेकिन बाद में शीला सरकार ने इस ऑर्डर को रोक दिया और दूसरा ऑर्डर पाश कर दिया। पहले ऑर्डर की कॉपी कांग्रेस सरकार के साथ-साथ बीजेपी के पास भी थी लेकिन दोनों ने उसे सार्वजनिक नहीं किया। लेकिन केजरीवाल ने डीईआरसी के उस ऑर्डर की तलाश में जुटे हुए हैं ताकि जल्द ही सच सबके सामने आ सके।

गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली में हुई कांग्रेस की इस रैली ने लोगों को काफी रुलाया। दिनभर दिल्ली अस्तव्यस्त रही। सभी प्रमुख सड़कों पर जाम लगा रहा। लेकिन जरूरी काम से ही सही जो लोग भी घर से बाहर निकले गंतव्य तक पहुंचने में घटों लगे।

एफडीआइ के समर्थन में काग्रेस की रैली में शामिल होने अन्य राज्यों से लोगों के आने का सिलसिला सुबह ही शुरू हो गया था। आइएसबीटी-राजघाट रिंग रोड, धौलाकुंआ से ग्यारह मूर्ति आने वाले सरदार पटेल मार्ग, विकास मार्ग, आइटीओ से इंडिया गेट जाने वाली सड़क सहित रामलीला मैदान की ओर जाने वाली सड़कों पर गाड़ियों की कतार से जाम लग गया। जिसे जहा गाड़ी खड़ी करने की जगह मिली, वहीं गाड़ी पार्क कर रैली में शिरकत करने के लिए पैदल निकल पड़ा। राजघाट, इंडिया गेट, पुराना किला, माता सुंदरी रोड, निजामुद्दीन ब्रिज, नीला गुंबद, वजीराबाद टी प्वाइट पर निर्धारित पार्किग स्थल जहा जगह मिली वहीं गाड़िया खड़ी कर रैली में हिस्सा लेने आए लोगों का हिम्मत ट्रैफिक जाम के आगे जवाब दे गई। वह पार्किंग स्थल पर ही रुक सुस्ताने लगे और पिकनिक मना वहीं से वापस लौट गए। ट्रैफिक पुलिस ने रैली के लिए दिल्ली की सीमा में कम से कम एक हजार बस तथा तीन हजार अन्य निजी गाड़ियों से लोगों के आने का अनुमान किया था। लेकिन शनिवार देर रात से ही जो जन सैलाब उमड़ना शुरू हुआ अनुमानित संख्या धरी रह गई।

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